Great Gurugram Police : नगर निगम और GMDA साबित हो रहे नकारा, गुरुग्राम पुलिस ने उठाया ज़िम्मा

गुरुग्राम में नगर निगम और GMDA बनवाकर नेता लोग वाहवाही लूटते फिरते हैं लेकिन ये विभाग काम कैसे करते हैं उसकी पोल खुद हरियाणा पुलिस खोल रही है ।

Great Gurugram Police – पूरी दुनिया में Cyber City के नाम से मशहूर गुरुग्राम शहर की सिविक बॉडीज़ को बंद कर देना चाहिए । गुरुग्राम नगर निगम और GDMA के दफ्तरों में ताला लगा देना चाहिए । ये हम आपको इसलिए कह रहे हैं क्योंकि शहर में सफाई विदेशी नागरिक कर रहे हैं । सड़कों के गड्ढों को गुरुग्राम पुलिस भर रही है और तो और अब सड़कों पर घूमने वाली बेसहारा गौवंशों को भी गुरुग्राम पुलिस गाड़ियों में भरकर गौशाला भिजवा रही है । अगर ये सभी काम पुलिस और आम नागरिक करेंगे तो फिर नगर निगम और GMDA किस काम के ?

गुरुग्राम में नगर निगम और GMDA बनवाकर नेता लोग वाहवाही लूटते फिरते हैं लेकिन ये विभाग काम कैसे करते हैं उसकी पोल खुद हरियाणा पुलिस खोल रही है । अगर ये दोनों विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अपना काम ढंग से कर रहे होते तो फिर पुलिस और आम नागरिक को ये जद्दो जहद नहीं उठानी पड़ती ।

गुरुग्राम में पुलिस अब सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं संभाल रही, बल्कि उन कामों को भी अंजाम दे रही है जो आमतौर पर नगर निगम या GMDA के दायरे में आते हैं । कल ही हमने आपको खबर दिखाई थी कि विदेशी नागरिक गुरुग्राम की सड़कों की सफाई कर रहे हैं । अब गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने ब्रिस्टल चौक पर सड़क के गड्ढे भरे, वहीं दूसरी ओर, बिलासपुर और बादशाहपुर पुलिस स्टेशनों ने मिलकर सड़कों पर घूमती आवारा गायों को गौशाला पहुंचाया । इन दोनों घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहर के नागरिक निकाय अपने कर्तव्यों को निभाने में विफल हो रहे हैं ।

ट्रैफिक पुलिस ने संभाली सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी

पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) डॉ. राजेश मोहन के निर्देश पर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीरज ने ब्रिस्टल चौक के पास बारिश से बने गहरे गड्ढों को अपने स्टाफ की मदद से भरवाया। ये गड्ढे ट्रैफिक संचालन में बाधा बन रहे थे और दुर्घटनाओं का कारण बन रहे थे । ट्रैफिक पुलिस ने मिट्टी और रोड़े डालकर इन गड्ढों को भरकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाया । इस पहल की राहगीरों और वाहन चालकों ने खूब सराहना की, लेकिन यह भी साफ हो गया कि सड़क रखरखाव का जिम्मा नगर निगम और GMDA के बजाय पुलिस को उठाना पड़ा ।

बेसहारा गायों को गौशाला भेजने का अभियान

इसी तरह पुलिस ने नगर निगम के साथ मिलकर सड़कों पर घूमने वाली आवारा गायों को गौशाला भेजने का अभियान भी शुरू किया है । उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार, यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और गायों का उचित भरण-पोषण सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया है । इस अभियान के तहत, पुलिस थाना बिलासपुर और बादशाहपुर की टीमों ने 21 गायों को पकड़कर गौशाला भेजा । पुलिस ने बताया कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ।

सवाल: नगर निगम और GMDA का क्या काम?

ये दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि शहर के बुनियादी ढांचे और पशु कल्याण से संबंधित मामलों में पुलिस सीधे हस्तक्षेप कर रही है । जबकि पुलिस के प्रयास सराहनीय हैं, वे नागरिक निकायों की अक्षमता पर भी सवाल उठाते हैं । क्या नगर निगम और GMDA सड़कों की मरम्मत और आवारा पशुओं के प्रबंधन जैसे अपने प्राथमिक कर्तव्यों को निभाने में असफल रहा है? जब पुलिस को ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए सड़कों पर गड्ढे भरने पड़ें और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गायों को गौशाला भेजना पड़े, तो यह शहर के प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। ऐसा लगता है कि गुरुग्राम में पुलिस अब कानून व्यवस्था के साथ-साथ नागरिक सेवाएं भी प्रदान कर रही है ।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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